(क) आदर्श चरित्रवर्द्धक निःशुल्क सार्वजनिक सछात्रावास संस्था केन्द्रीय विश्वविद्यालय के साथ संस्था केन्द्रीय वृहद् चिकित्सालय और संस्था केन्द्रीय वृहद् गौशाला का निर्माण होगा व यथा आवश्यक आदर्श चरित्र वर्द्धक निःशुल्क सार्वजनिक सछात्रावास संस्था केन्द्रीय महाविद्यालयों के साथ संस्था केन्द्रीय चिकित्सालयों और संस्था केन्द्रीय गौशालाओं के निर्माण होंगे।
नोट-उपरोक्त विद्यालयों में कक्षा पाँच उत्तीर्ण विद्यार्थियों के 60 प्रतिशत चारित्रिक व 40 प्रतिशत अन्य योग्याताओं की कृठिन परीक्षा के बाद विभाजित छात्रावासों में रखकर प्रातः प्राणायाम, व्यायाम, आदर्श उपदेश तथा सायं काल में आदर्श सीरियलों के माध्यम से आदर्श चरित्रवान बनाते हुए लगनानुसार विभिन्न उन सभी शिक्षाओं की व्यवस्था रहेगी जिससे प्रशिक्षित छात्र छात्राओं को ट्रस्ट के माध्यम से यथायोग्य भारतीय सभी पदों पर आदर्श पद सेवकों को भेजकर आदर्श भारत की स्थापना किया जा सके और उत्तरोत्तर इसी शिक्षा प्रणाली से सम्पूर्ण विश्व को आदर्श बनाया जा सके।
(ख) 3600 वर्ग कि०मी० के माप से मध्य भागों में वृद्धाश्रमों क्षेत्रस्तरीय चिकित्सालयों, क्षेत्रस्तरीय गौशालाओं, क्षेत्रस्तरीय निःशुल्क सछात्रावास संगीत विभाग सहित संस्कारोत्थान संस्कृत विद्यालयों व 36 वर्ग किमी, के माप से मध्य भागों में खण्ड क्षेत्रस्तरीय चिकित्सालयों, खण्डक्षेत्र स्तरीय गौशालाओं, खण्डक्षेत्र स्तरीय निःशुल्क सार्वजनिक संगीत विद्यालयों के निर्माण होंगे। साथ ही जहाँ-जहाँ स्थायी रूप से 2 से 3 हजार सन्त सदा रहते होंगे ऐसे स्थानों में सर्व व्यवस्था सम्पन्न एक-एक सन्त निवासों के निर्माण होंगे और उप विशिष्ट धर्मसेवक क्षेत्रस्तरीय मण्डलीयों के माध्यम से क्रमशः प्रत्येक गाँव में अखण्ड नाम संकीर्तन नाम महिमा व भक्ति उद्योतक कार्यक्रम चलते रहेंगे और खण्ड क्षेत्रस्तरीय चिकित्सालयों के अलावा सभी चिकित्सालयों में यथा आवश्यक आवासीय व्यवस्था के साथ मनोरोग चिकित्सा विभाग भी रहेंगे और सभी संस्थान वृक्षों से परिपूर्ण तालाब युक्त होंगे।
नोट-संस्था के संस्थापति भवन से लेकर सभी छोटे-बड़े शाखाओं के मुख्य द्वार के दाहिने शिवलिंग स्थापित मन्दिर व बांये तरफ एक ही मन्दिर में हनुमानजी व गरुड़ जी की मूर्ति स्थापित मन्दिर बनेंगे और यदि तीर्थ हो तो तीर्थ विशेष के मन्दिर व अन्यत्र देवी-देवताओं या विशेष भगवद् भक्तों के मध्य भागों में बदल-बदल कर मन्दिर बनेंगे। शंकर जी के सभी मन्दिरों में एक बार सुबह रुद्राभिषेक और हनुमानजी सहित गरुड़ जी के मन्दिरों में अखण्ड हरे राम हरे राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण, हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे महामन्त्र का कीर्तन चलता रहेगा और प्रधान मन्दिरों में एक घण्टा भक्तमाल कथा व भजन संन्ध्या का कार्यक्रम होता रहेगा।
आर्थिक स्रोत पूरे भारत में उप विशिष्ट धर्मसेवक बैचों के द्वारा चन्दा, सहयोगदाता सम्पर्क वैचों के द्वारा सभी समर्थ लोगों से मासिक या सालाना चन्दा यथासम्भव सरकारी अनुदान, संस्थागत विभिन्न व्यापार, सभी विद्यालयों से लिया गया प्रवेश शुल्क और आदर्श छात्रों के नौकरी उपरान्त 25 प्रतिशत नियमानुसार संस्था हितार्थ लेना।
YEARS OF CARE
** हमारा मिशन ** मानव सेवा, करुणा और सामाजिक उत्थान को समर्पित है। हम ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जहाँ हर व्यक्ति सम्मान, सुरक्षा और सहारा पा सके। इसी उद्देश्य से हम **वृद्धाश्रमों में दान** को बढ़ावा देते हैं ताकि बुजुर्गों को बेहतर देखभाल, स्वास्थ्य और स्नेहपूर्ण वातावरण मिल सके। **गौशालाओं में दान** के माध्यम से हम गौ-रक्षा, पोषण और संरक्षण का कार्य आगे बढ़ाते हैं, क्योंकि गौ-सेवा हमारे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, **भंडारा आयोजन के लिए दान** से हम भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कर समाज में सेवा और सद्भावना का संदेश देते हैं। हमारा लक्ष्य सेवा को जीवन का आधार बनाना है।
** हमारे मूल्य ** सेवा, करुणा और मानवता की भावना पर आधारित हैं। हम विश्वास करते हैं कि समाज तभी प्रगति करता है जब हम जरूरतमंदों की सहायता को अपना कर्तव्य समझें। हमारे प्रमुख मूल्यों में दया, सहयोग, निष्ठा और पारदर्शिता शामिल हैं। इन्हीं मूल्यों के साथ हम **वृद्धाश्रमों में दान** को प्रोत्साहित करते हैं ताकि बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर देखभाल मिल सके। **गौशालाओं में दान** द्वारा हम गौ-सेवा, संरक्षण और पोषण जैसे पवित्र कार्यों में योगदान देते हैं। इसके साथ, **भंडारा के लिए दान** के माध्यम से हम जरूरतमंदों और भक्तों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराते हैं, जिससे समाज में सेवा, समानता और सद्भाव का संदेश फैलता है।
** हमारा विज़न ** एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ मानवता, करुणा और सेवा जीवन के मूल आधार हों। हमारा सपना है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और सहारा मिल सके। इसी दृष्टि के साथ हम **वृद्धाश्रमों में दान** को बढ़ावा देते हैं ताकि बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएँ, देखभाल और स्नेहपूर्ण वातावरण प्राप्त हो। **गौशालाओं में दान** के माध्यम से हमारा लक्ष्य गौ-रक्षा, पोषण और संरक्षण को मजबूत करना है, जो हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर से जुड़ा हुआ है। साथ ही, **भंडारा के लिए दान** के द्वारा हम समाज में निःस्वार्थ सेवा, भोजन वितरण और सभी के लिए समान अवसर का संदेश फैलाते हैं। हमारा विज़न है—एक दयालु, सुरक्षित और सेवा-प्रधान समाज का निर्माण।